युवती की मौत के बाद घेरा सीएचसी, डर कर भागे डॉक्टर-स्टाफ
युवती की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार दोपहर माल सीएचसी को घेर लिया। लोगों की भीड़ और हंगामा देख सीएचसी के डॉक्टर और स्टाफ भाग गए। मामले की सूचना सीएमओ को दी गई। मौके पर आई पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर तीमारदारों को शांत कराया। दोपहर 12 बजे के बाद से सीएचसी में न तो ओपीडी चली और न ही मरीज भर्ती हुए। बवाल शांत होने बाद शाम को डॉक्टर और स्टाफ काम पर लौटे। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। सीएचसी प्रभारी को हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
माल लतीफपुर गांव की रहने वाले राजेश सिंह की बेटी नेहा (25) को बुधवार दोपहर किसी जहरीली कीड़े ने काट लिया था। तीमारदार बाइक से उसे सीएचसी लाए। आरोप है कि पैर में दर्द होने पर डॉक्टरों ने सवा घंटे में पांच इंजेक्शन लगा दिए। इस दौरान युवती की तबीयत और बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। सीएचसी से एंबुलेंस भी मुहैया नहीं कराई। तीमारदारों ने 108 एम्बुलेंस पर कई दफा कॉल किया मगर वह नहीं मिली। इसके बाद तीमारदार दोबारा उसे बाइक से ही बलरामपुर अस्पताल लाए। वहां इमरजेंसी में उसे भर्ती किया गया। कुछ ही देर बाद युवती की मौत हो गई।
पिता का आरोप : सीएमओ और सीएचसी प्रभारी ने नहीं उठाया फोन
पिता राजेश सिंह ने मामले की शिकायत के लिए सीएमओ और सीएचसी प्रभारी को कई दफा कॉल किया, मगर फोन नहीं उठा। बृहस्पतिवार दोपहर युवती के अंतिम संस्कार के बाद नाराज करीब 200 लोगों ने सीएचसी का घेराव कर लिया। हंगामा बढ़ता देख ओपीडी-इंडोर से डॉक्टर व स्टाफ भाग गए। मामले की सूचना सीएमओ और पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया।