लखनऊ। राजधानी में चारबाग से बसंत कुंज के बीच मेट्रो के दूसरे चरण में सात भूमिगत स्टेशनों का निर्माण एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी करेगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इसे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है। 1632 करोड़ रुपये से 6.52 किलोमीटर लंबे भूमिगत सेक्शन का डिजाइन व निर्माण किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सैम इंडिया प्रोजेक्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और टाटा प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। काम के लिए वित्तीय निविदा पांच अक्तूबर को खोली गई थी। लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी होने के बाद काम पूरा करने की निर्धारित अवधि तीन वर्ष है। कार्य के दायरे में सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का निर्माण और उनसे जुड़े अन्य सिविल काम शामिल हैं। यह सेक्शन घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा और फेज-1बी के भूमिगत हिस्से का महत्वपूर्ण भाग होगा। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों और बसंत कुंज मेट्रो डिपो के निर्माण के टेंडर पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
आधिकारिक वर्जन
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पुराने और नए लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चारबाग से बसंत कुंज तक मेट्रो का विस्तार पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले और ऐतिहासिक क्षेत्रों के करीब तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
-सुशील कुमार, प्रबंध निदेशक, यूपी मेट्रो