यूपी में रायबरेली की तिलोई तहसील में बुधवार को जमानत के लिए आए गौ-हत्या के आरोपी को वकीलों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। यही नहीं बीच बचाव करने में उसके साथ आए सिपाही को भी धुन दिया। इससे भगदड़ मच गई।
तहसील की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। वकील इस बात से खफा थे कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट लिखने के बजाय शांतिभंग में चालान कर दिया।
उसे जमानत के लिए तहसील लाया गया था। वकीलों ने जमानत में सहयोग नहीं किया तो पुलिस उसे लेकर चली गई। वकीलों ने सीओ तिलोई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के सेमरौता निवासी श्रवण कुमार की गाय सोमवार को पड़ोसी लतीफ के खेत में चली गई थी। आरोप है कि लतीफ ने उसे हंसिया से मार डाला।
पुलिस ने दर्ज नहीं किया गौ हत्या का केस
ग्रामीणों के विरोध पर पुलिस ने लतीफ के खिलाफ गौ-हत्या का मामला दर्ज करने की बात कही थी,लेकिन बुधवार को पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर आरोपी को जमानत के लिए एसडीएम कोर्ट भेजा।
शांतिभंग में जमानत की जानकारी होने पर तहसील के वकील खफा हो गए। वकीलों ने आरोपी को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। आरोपी का बचाव करने में सिपाही संत सिंह की पिटाई कर दी। तहसील में तैनात पुलिस कर्मियों ने बीचबचाव कर आरोपी को कोर्ट ले गए।
एसडीएम डीपी पाल ने जमानत नहीं दी,क्योंकि किसी वकील ने उसकी पैरवी नहीं की। बाद में वकीलों ने एक ज्ञापन सौंपा। वकील अभिषेक कुमार बाजपेयी,अवनीश कुमार, अनिल कुमार पांडेय,दीपू,शैलेश मिश्र,सुनील कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने एसडीएम से आरोपी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
इस बाबत शिवरतनगंज एसओ ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। यदि कोई तहरीर मिलती है तो वकीलों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।