आधुनिक पार्किंग और उसके ऊपर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स। पार्किंग के चारों ओर बैठने की बेहतर सुविधा और छोटे-छोटे हॉट। ऐसा ही कुछ नजारा होगा नए पार्किंग स्थलों का।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में अब नए अंदाज में पार्किंग की सुविधा लोगों को देने की तैयारी है ताकि लोग मनमुताबिक खरीदारी कर सकें और सड़कों पर बेतरतीब गाड़ियां भी पार्क न हों।
आधुनिक पार्किंग बनाने की जिम्मेदारी प्राइवेट पार्टनर की होगी। वह पार्किंग बनाएगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएगा।
नगर विकास विभाग की नई पार्किंग नीति में इसका प्रावधान किया जा रहा है। नगर विकास विभाग नगर आयुक्तों से राय शुमारी के बाद इसे अंतिम रूप देने जा रहा है।
इसे शीघ्र ही कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रदेश में पार्किंग एक बड़ी समस्या है। लोगों को सड़कों पर गाड़ियां पार्क करनी पड़ती हैं।
कुछ स्थानों पर मल्टीलेबल पार्किंग बनी भी है तो लोग इसमें गाड़ियां खड़ी नहीं कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह पार्किंग स्थल मार्केट से कुछ दूरी पर बनाए गए हैं। इसलिए लोग जहां खरीदारी करने जाते हैं, वहीं गाड़ियां पार्क करते हैं।
राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्रमुख शहरों जहां 13 नगर निगमों लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, वाराणसी व सहारनपुर में आधुनिक पार्किंग स्थल प्राइवेट पार्टनर के माध्यम से विकसित किए जाएं।
नगर निगम प्राइवेट पार्टनर को पार्किंग स्थल विकसित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराएगा। इस जमीन का भू-उपयोग नागरिक सुविधा के साथ व्यावसायिक रखने के लिए विकास प्राधिकरणों से अनुरोध किया जाएगा।
प्राइवेट पार्टनर जमीन पर मार्केट के हिसाब से पार्किंग स्थल विकसित करने के साथ ऊपर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाएगा। पार्किंग के रख-रखाव की जिम्मेदारी कुछ सालों तक प्राइवेट पार्टनर के पास ही रहेगा।
इससे होने वाली आमदनी का कुछ हिस्सा नगर निगमों के पास जाएगा। इसके लिए नगर निगम और प्राइवेट पार्टनर के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होगा।
प्राइवेट पार्किंग के लिए भी लाइसेंस
प्राइवेट भवन में पार्किंग चलाने के लिए भवन स्वामियों को नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। नई पार्किंग नीति में इसका भी प्रावधान किया जा रहा है।
मौजूदा समय में अवैध रूप से पार्किंग चलाकर निजी भवन स्वामी लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके चलते भवन के आसपास सड़कों पर भी गाड़ियां लगने लगती हैं।
पार्किंग नीति में यह प्रावधान किया जा रहा है कि प्राइवेट बिल्डिंग में पार्किंग चलाने के लिए लोगों को नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना होगा।