लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में रेडियोडायग्नोसिस विभाग के प्रमुख प्रो. अनित परिहार के मुताबिक, मरीजों को विभिन्न जांच के लिए इधर-उधर चक्कर नहीं काटने होंगे। बेड पर ही उनकी जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा उपकरण मंगाए जा रहे हैं। प्रो. परिहार मंगलवार को विभाग के 39वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे।
केजीएमयू के शताब्दी भवन प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में प्रो. अनित परिहार ने बताया कि भर्ती मरीजों को एक्सरे, अल्ट्रासाउंड समेत दूसरी रेडियोलॉजी जांच बेड पर ही उपलब्ध कराने के लिए प्रयास हो रहे हैं। बीते साल करीब 65 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे गए हैं। इनमें से कई मशीनें बेड साइड जांच के लिए हैं। विभाग ने पिछले एक साल में एक लाख 15 हजार एक्सरे, 95 हजार अल्ट्रासाउंड, 17 हजार सीटी स्कैन और 21 हजार एमआरआई जांच की।
उन्होंने बताया कि नई मशीनों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित सीटी स्कैन व एमआरआई हैं। इससे शोध करना भी आसान होगा। इस मौके पर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि एमआरआई में प्रगति के लिए नई दिल्ली, शिकागो और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से करार किया है। नौ शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। टीबीआई, ग्लियोमा आरसीसी और प्रोस्टेट कैंसर पर शोध के लिए 3.9 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। कैंसर के क्षेत्र में एआई मॉडलिंग पर अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए अनुदान प्राप्त हुआ है।
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से बिना ऑपरेशन राहत
विभाग के डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि विभाग में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी यूनिट चल रही है। इसमें तार के माध्यम से बिना चीरा लगाए विभिन्न रोगों का इलाज किया जा रहा है। इससे लिवर तक फैले कैंसर, ब्रेन से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।
इनका हुआ सम्मान
डॉ. अनिल रावत, डॉ. प्रियंका, डॉ. प्रिया, डॉ. सिद्धार्थ, मनोज श्रीवास्तव, संजय, ध्रुव, नीलेश, प्रिया, महेश तिवारी, डॉ. प्रभव मिश्रा, सीनियर रेजिडेंट डॉ. अफ्फान और रीता रानी
कार्यक्रम में मौजूद लोग।
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