प्रदेश में होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए केंद्र के आयुष विभाग ने हरी झंडी दे दी है।
यह इजाजत इस शर्त के साथ दी गई है कि अगले सत्र में यदि केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के मानकों को पूरा नहीं किया गया तो किसी भी हालत में कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाएगी।
इसी के साथ प्रदेश के सात राजकीय और तीन निजी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 2013-14 बैच में बीएचएमएस पाठ़्यक्रम में प्रवेश लिए जा सकेंगे।
प्रदेश में लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, फैजाबाद, आजमगढ़, गाजीपुर और मुरादाबाद में होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से अधिकतर में शिक्षकों की भारी कमी है।
इसके चलते केंद्रीय होम्योपैथी परिषद (सीसीएच) की तलवार हमेशा मेडिकल कॉलेजों पर लटकी रहती है।
सीसीएच और आयुष विभाग के डर से 2013-14 सत्र में किसी भी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों की सीटों को सीपीएमटी-2013 की काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया।
सरकार मेडिकल कॉलेजों में मानकों को पूरा करने की कवायद में जुटी थी। इसमें मुख्य रूप से शिक्षकों की कमी को पूरा करना था।
मानक पूरे करने के बाद केंद्रीय होम्योपैथी परिषद से सशर्त मान्यता के आधार पर सीपीएमटी की सेकेंड काउंसलिंग में होम्योपैथी कॉलेजों की सीटों को शामिल करने की अपील की जाती।
लेकिन आयुष विभाग ने 26 अगस्त को पत्र जारी कर देश भर के 186 होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की हरी झंडी दे दी ताकि 2013-14 का सत्र शून्य न हो जाए। इसी के साथ प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मिल गई।
ये हैं मेडिकल कॉलेज सीटें
नेशनल होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, लखनऊ 50
लालबहादुर शास्त्री होम्यो. मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद 50
कानपुर होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, कानपुर 50
डॉ. बृजकिशोर होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, फैजाबाद 30
श्री दुर्गाजी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, चंडेश्वर आजमगढ़ 30
गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर 50
केदारनाथ गिरधारी लाल खत्री होम्यो. मेडिकल कॉलेज, मुरादाबाद 40