निर्माण में कुछ महीने का समय और लग गया। वर्तमान शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले चारों कॉलेजों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन छोटी जुबिली के अलावा अन्य तीन कॉलेजों में अभी तक ताला जड़ा हुआ है।
जिन तीनों कॉलेजों में ताला लगा हुआ है उनमें न तो फर्नीचर हैं और न ही शिक्षकों के पद सृजित किए गए हैं। यही वजह है कि वर्तमान सत्र में इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। विभाग ने पहले अप्रैल माह और बाद में जुलाई से पढ़ाई शुरू कराने का दावा किया था।
चारों कॉलेजों में बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई हैं। सभी कक्षाओं में टाइल्स, ग्रीन बोर्ड, एलईडी लाइट के अलावा अग्निशमन यंत्र, लैब, शौचालय, हॉल आदि सुविधाएं हैं। इनमें कक्षा छह से पढ़ाई शुरू होनी थी।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज छोटी जुबली का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने किया। इसलिए विभाग ने जैसे-तैसे फर्नीचर उधार लेकर कॉलेज का संचालन शुरू कर दिया। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज से फर्नीचर मंगाए गए और वहीं के शिक्षक अटैच कर पढ़ाई शुरू कराई गई, लेकिन विभाग महज 40 विद्यार्थियों को ही दाखिला दिला पाया। कक्षा छह में 20, कक्षा नौ में 15 और कक्षा 11 में महज पांच छात्राओं ने ही दाखिला लिया है।
पद सृजित न होने से परेशानी
तीन कॉलेजों के शिक्षकों के पद सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। पद सृजित न होने के चलते कॉलेजों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि कार्यदायी संस्था से कॉलेजों का हैंडओवर हो चुका है। - डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस