लखनऊ। प्राइवेट प्रैक्टिस करते पकड़े गए जिले के एक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन पर शासन की नजर टेढ़ी हो गई है। शासन ने स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजी) को जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद विभाग में खलबली मची है।
दरअसल, सरकारी सेवा में रहते हुए सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस प्रतिबंधित है। इसके बाद भी एसीएमओ बलरामपुर जिले में निजी अस्पताल निजी प्रैक्टिस कर रहे थे। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की खूब फजीहत हुई। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह मामले को दूसरे जिले का बताकर जांच के बजाय इसे दबाने में जुटे थे। उन्होंने एसीएमओ को नोटिस देकर जवाब तक तलब नहीं किया, मगर शासन की नजर एसीएमओ पर तिरछी हो गई।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण के मुताबिक, शासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच संबंधित मंडल के एडी स्तर के अधिकारी को सौंपी जाएगी। जांच में प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही मिले तो रिपोर्ट शासन को भेजकर एसीएमओ पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।