फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हार के बाद भी आदित्यनाथ का अकेला एजेंडा, हिंदुत्व!

Thu, 25 Sep 2014 11:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
महन्त अवेद्यनाथ के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आए योगी महासभा के सदस्यों ने बुधवार की सुबह बैठक कर आदित्यनाथ को अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा का निर्विरोध अध्यक्ष चुना।
विज्ञापन


अध्यक्ष चुने जाने पर महन्त आदित्यनाथ ने कहा कि यह संगठन नाथ पंथ तथा षड्दर्शन के योगेश्वरों को एकत्रित कर राष्ट्र और समाज के हित के कार्य पहले से करता आ रहा है। वह इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

महन्त आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ और बृहद हिंदू समाज के साथ-साथ योगी महासभा का दायित्व उनके गुरुदेव ने जीवन पर्यंत निभाया। इसलिए उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
विज्ञापन


योगी महासभा के योग्य एवं अनुभवी संतों एवं महन्तों के सहयोग से नई चुनौतियों का सामना करेंगे। योगी महासभा गुरु गोरक्षनाथ महराज द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का पालन करते हुए हिंदू धर्म के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
विज्ञापन

अध्यक्ष चुने गए आदित्यनाथ

योगी महासभा के अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आठ बजे सुबह शुरू हुई। इसमें भाग लेने के लिए देश भर से संत आए हुए थे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अस्थल बोहर के महन्त चांदनाथ ने महन्त अवेद्यनाथ के व्यक्तित्व और  कृतित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वह जीवन पर्यंत योगी महासभा के अध्यक्ष रहे।

उनके नेतृत्व में योगी महासभा के कार्य क्षेत्र का विस्तार पूरे देश में हुआ। देश के विभिन्न मठों के योगेश्वरों ने इटली, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, अमेरिका, ब्राजील, थाईलैंड व नेपाल में सनातन हिंदू धर्म का प्रचार किया। उनके नेतृत्व में हिंदू धर्म का चौतरफा उत्थान हुआ।

इसके बाद हरिद्वार के महंत चेताईनाथ ने अध्यक्ष पद के लिए महन्त आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने व्यापक चर्चा की। जिसके बाद आदित्यनाथ निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।

बैठक में महन्त चांदनाथ, महंत चेताईनाथ, शिवनाथ जी, महन्त शेरनाथ, महन्त नरहरिनाथ, निरंजननाथ, सत्येंद्रनाथ, मिथिलेश नाथ, पीर पारसनाथ, महन्त चंद्रनाथ, महन्त विशालनाथ, पीर पारसनाथ, कमलनाथ आदि उपस्थित थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें