सीबीआई ने जांच शुरू नहीं की है। उसे केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। जानकारों का कहना है कि सीबीआई इस बात के लेकर उहापोह में है कि वह अपने हाथ में जांच कैसे ले?
चूंकि लखनऊ पुलिस या एटीएस ने न तो इस मामले को हत्या में न ही आत्महत्या के तहत दर्ज किया है। सीबीआई को जो जांच संदर्भित की गई है उसमें महज पुलिस की जीडी (रोजनामचा) में इस घटना को दर्ज करने का हवाला दिया गया है। ऐसे में सीबीआई इसे किस मद में दर्ज करके जांच शुरू करे? कोई बड़ी बात नहीं होगी अगर सीबीआई जांच शुरू ही न करे।