अरुण कुमार को हटाकर प्रदेश सरकार ने जिन्हें लॉ एंड ऑर्डर की कमान सौंपी है, उन्होंने एक बयान देकर प्रदेश सरकार के लिए ही मुसीबत खड़ी कर दी है।
मुजफ्फनगर और शामली के शरणार्थी कैंप में हुई हिंसा के बाद एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मुकुल गोयल ने बयान दिया है कि मुजफ्फनगर में हालात कभी सामान्य नहीं थे।
मुकुल गोयल ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने बताया था कि मुजफ्फनगर में हालात सामान्य हैं, मैंने नहीं कहा था।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर जिले में नफरत की आग फिर भड़क गई है। भौराकलां थाना क्षेत्र के जंगल में बुधवार शाम दो समुदायों में भिड़ंत हो गई। दोनों तरफ से गोलियां चलीं, जिसमें हुसैनपुर कलां गांव के तीन युवकों की मौत हो गई।
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सूचना पर डीएम, एसएसपी मौके पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं घटना से गुस्साए हजारों लोगों की भीड़ ने बुढ़ाना कोतवाली को घेरकर हंगामा किया। इलाके में टकराव के हालात को देखते हुए आसपास के जिलों से फोर्स मांगा गया है।
देर रात आईजी और डीआईजी भी मौके पर पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख मेरठ से सेना के अफसरों ने डीएम से घटना का इनपुट लिया। वहीं प्रशासन ने सेना को तैयार रहने के लिए कहा।
कोई नहीं जानता सच
मुजफ्फरनगर जिले के भौराकलां थाना क्षेत्र के जंगल में तीन युवकों की हत्या किसकी गोली से हुई, कोई नहीं जानता। वारदात के वक्त पीएसी के जवान भी मौजूद थे। चर्चा है कि पुलिस और पीएसी ने भी गोलियां चलाईं।