इसी दौरान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राजेश साहनी ने 10 दिन का अवकाश ले रखा था, लेकिन रमेश सिंह के रिमांड को लेकर एटीएस के अफसरों में मतभेद हो गया। इस मामले का पूरा खुलासा राजेश साहनी की टीम ने किया था। ऐसे में कोशिश थी कि वे ही मुल्जिम का बयान दर्ज कराएं और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करें। राजेश सोमवार से ही छुट्टी पर थे, लेकिन रमेश का बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें बुला लिया गया। बयान दर्ज कराने के बाद वे अपने साथियों से दस दिन बाद मुलाकात की बात कहकर चले गए। कहा जा रहा है कि उन्हें मंगलवार को फिर ऑफिस बुलाया गया तो वह अंदर ही अंदर काफी खिन्न हो गए। उन्होंने ड्राइवर से अपनी सर्विस पिस्टल मंगाई। इसी दौरान एक अन्य मुलाजिम किसी फाइल पर दस्तखत कराने पहुंचा तो राजेश पिस्टल को एक हाथ से उछाल कर दूसरे हाथ में लेते हुए बोले-फाइल रख दो, आज सारा काम खत्म कर देंगे। ...और इसके कुछ ही क्षण बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया।