लखनऊ। केजीएमयू के बाल रोग विभाग के एडिशनल प्रोफेसर पर जूनियर रेजिडेंट महिला डॉक्टर से अभद्रता के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता ने इसकी शिकायत केजीएमयू प्रशासन से दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने विशाखा कमेटी गठित कर जांच कराई। शुरुआती जांच में आरोप सही मिले। कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है।
बाल रोग विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर मोबाइल पर बेवजह के संदेश भेजने सहित अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने परेशान होकर परिजनों के साथ केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। आरोपी एडिशनल प्रोफेसर से पूछताछ की। इसके बाद अब निलंबन की कार्रवाई हुई है। निलंबन के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में एडिशनल प्रोफेसर पर लगे आरोप सही मिलने पर ही यह कार्रवाई की गई है।