रामलीलाओं का मंचन हमारी परंपरा का अंग है। इसके हर पात्र के साथ न्याय हो, इसके लिए कलाकार पूरी ऊर्जा लगा देते हैं। रामलीला के पात्रों में रावण का किरदार बेहद अहम माना जाता है, जिसे निभाने के लिए दमदार आवाज, अच्छा डील-डौल और जबरदस्त अभिनय क्षमता की जरूरत होती है।
राजधानी लखनऊ में हर वर्ष करीब 150 स्थानों पर रामलीला का मंचन होता है। इनमें रावण का किरदार निभा रहे कलाकारों का कहना है कि वे प्रभु राम के अनन्य भक्त हैं और अभिनय करते समय उनके प्रति आस्था व भक्ति ही रावण के किरदार में जान फूंकती है।
कलाकार विपुल
- फोटो : अमर उजाला
विपुल 25 वर्ष से बन रहे रावण : सचिवालय में समीक्षा अधिकारी विपुल मिश्रा ने बताया कि वे खदरा की रामलीला से 40 वर्ष से जुड़े हैं। 25 वर्ष से रावण बन रहे हैं। इस किरदार से समाज को यह दिखाना चाहता हूं कि असत्य, अत्याचार और अहंकार का हश्र हमेशा बुरा होता है।
कलाकार जितेंद्र
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पहले माफी मांगते हैं जितेंद्र : रेलवे रामलीला दशहरा कमेटी की आलमबाग की रामलीला में जितेंद्र तिवारी 16 वर्ष से रावण बन रहे हैं। जितेंद्र कहते हैं कि डायलॉग बोलने से पहले प्रभु राम से माफी मांग लेते हैं।
कलाकार भास्कर
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अभिनय की विविधता दिखाते हैं भास्कर : श्रीरामलीला समिति महानगर के मंचन में भास्कर जोशी दूसरी बार रावण का किरदार निभा रहे हैं। इस किरदार में अभिनय की विविधता से कौतूहल पैदा करते हैं।
कलाकार शाश्वत
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पहली बार रावण बने शाश्वत: पुरोहित का कार्य करने वाले शाश्वत पाठक पहली बार रावण का किरदार निभा रहे हैं। सीतापुर रोड योजना कॉलोनी सेक्टर-ए में चल रही रामलीला में वे रावण बने हैं।