लखनऊ। चौक निवासी मो. हैदर ने चार नवंबर को अपनी एक्टिवा लखनऊ भेजने के लिए झांसी के रेलवे पार्सल में बुकिंग करवाई। ग्वालियर-बरौनी मेल में इसे लोड किया गया। हालांकि, चारबाग स्टेशन का प्लेटफॉर्म छोटा होने से लगेजयान से एक्टिवा लखनऊ में उतारी नहीं जा सकी और यह बरौनी पहुंच गई। दो दिन की मशक्कत के बाद एक्टिवा चारबाग स्टेशन पर उतारी जा सकी।
मो. हैदर ने बताया कि वे झांसी में नौकरी करते हैं। वहां से एक्टिवा (यूपी 32 एलडी 0110) की लखनऊ तक की बुकिंग के लिए उनसे 1500 रुपये वसूले गए। दोपहर ढाई बजे झांसी से रवाना ग्वालियर-बरौनी मेल (11123) रात 8:30 बजे लखनऊ पहुंची। हैदर भी इसी ट्रेन से राजधानी पहुंचे, लेकिन चारबाग स्टेशन पर लगेजयान का कोच प्लेटफॉर्म से काफी पीछे होने से उनकी एक्टिवा नहीं उतर पाई और बरौनी पहुंच गई। हैदर ने पार्सलघर में शिकायत की तो बृहस्पतिवार को आने के लिए कहा गया।
बृहस्पतिवार दोपहर 12:30 बजे बरौनी-ग्वालियर मेल (11124) चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर सात पर पहुंची। इस बार भी लगेजयान प्लेटफॉर्म पर फिट नहीं हो पाया। हैदर के गुहार लगाने के बाद ट्रेन को आगे-पीछे कर प्लेटफॉर्म तक लाया गया, जिसके बाद एक्टिवा उतर सकी। हैदर ने बताया कि रेलवे प्रशासन से शिकायत पर भी सुनवाई नहीं की गई।