दारू पीकर गाड़ी चलाने और बाइकर्स गैंग पर सख्ती होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को हिदायत दी है कि दारू पीकर गाड़ी चलाने वालों और ‘बाइकर्स गैंग’ पर सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए जो वाहन चलाते समय ईयर फोन लगाते हैं।
सीएम ने राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर रात में गश्त की चाक-चौबंद व्यवस्था करने को कहा है। मुख्यमंत्री बुधवार को शास्त्री भवन में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा, वाहनों की लगातार चेकिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चौपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। वाहनों में लगी ब्लैक फिल्म भी हटाई जाएं।
सीएम ने कहा कि यातायात नियमों और फर्स्ट एड के संबंधित जानकारियां प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाएं। बैठक में सीएम को लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, यमुना एक्सप्रेस-वे, यूपीडा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, गृह, यातायात निदेशालय, महानिदेशक पुलिस, नगर विकास, आवास विकास, मनोरंजन कर, सूचना विभाग, परिवहन विभाग के संबंध में लिए गए निर्णयों और उनपर हुए कामों की जानकारी दी गई।
सड़क किनारे खड़े किए जा रहे ट्रकों पर होगी कार्रवाई
सीएम ने राजमार्गों पर जगह-जगह सड़क किनारे खड़े किए जा रहे ट्रकों पर भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसे ट्रक या भारी वाहन अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं।
एक्सप्रेस-वेज़ पर बेहतर मार्ग प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर रात में गश्त बढ़ाई जाए जिससे इन मार्गों पर दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता मिल सके।
सड़क सुरक्षा परिषद के कामों की दी जानकारी
प्रमुख सचिव परिवहन ने सीएम को बताया कि राजमार्गों न अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के डिजाइन, निर्माण के लिए सुरक्षा संबंधी सुझाव देने के लिए सड़क सुरक्षा परिषद का गठन किया गया।
परिषद प्रदेश में वाहन चालकों के कौशल विकास एवं लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एवं ड्राइविंग ट्रैक के निर्माण और इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहन देने का भी कार्य करती है।
परिषद सड़क सुरक्षा के संबंध में जागरूकता के लिए योजना बनाने, उस पर अमल एवं तालमेल बिठाने, सड़क दुर्घटना में घायलों को समय से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में नीति निर्धारण करने का भी काम करती है।
जिलों में बनेंगे ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक
सीएम को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सड़क सुरक्षा मानिटरिंग के लिए गठित समिति ऑन रोड सेफ्टी के कामकाज की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि सभी जिलों में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा मंडलीय मुख्यालयों में वाहन इंस्पेक्शन एवं सर्टिफिकेशन सेंटर्स की भी स्थापना की जाएगी। दुर्घटना बहुल इलाकों (ब्लैक स्पॉट्स) का चिन्हांकन कर उनका निराकरण किया जाएगा।
एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे पर पर्याप्त संख्या में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की जाएगी तथा मौजूदा ट्रॉमा सेंटरों को अपग्रेड किया जाएगा।