एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के लागू होने के बावजूद पैसा न जमा करने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद द्वारा प्रवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने गुरुवार को शासनादेश जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 को देखते हुए आवंटियों की सुविधा के लिए ओटीएस की तारीख 30 सिंतबर कर दी गई है।
ओटीएस के लिए 30 सितंबर 2020 के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ओटीएस योजना में गणना के बाद अधिक जमा राशि वापस नहीं की जाएगी। ओटीएस आवेदन पत्रों का निस्तारण दो माह में किया जाएगा। इसके बाद बकाएदारों के खिलाफ प्रवर्तन की कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही ओटीएस के लिए पात्र न होने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। शासनादेश में कहा गया है कि समय से आवेदन निस्तारित न होने पर दोषी कर्मियों से क्षतिपूर्ति की वसूली की जाएगी। ओटीएस में 50 लाख तक बकाया होने पर एक तिहाई एक माह और दो तिहाई तीन दो मासिक किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी।
50 लाख होने पर आधा पैसा एक माह में और शेष तीन किस्तों में देना होगा। पहली बार विलंब से भुगतान होने पर दो प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना होगा। दोबारा देरी होने पर ओटीएस की सुविधा समाप्त कर दी जाएगी। आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरण इस योजना की जानकारी सभी डिफाल्टरों को ई-मेल, एसएमएस और पत्र के माध्यम से देंगे, जिससे अधिक से अधिक डिफाल्टर इसका फायदा उठा सकें।