शहरी क्षेत्र में पटरी दुकानदारों के उत्पीड़न संबंधी शिकायतों पर सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। पटरी दुकानदारों को मनमाने तरीके से हटाए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निकायों को इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सभी नगर आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पटरी दुकानदारों का उत्पीड़न करने वाले नगर निकाय कर्मियों और पुलिस वालों पर भी कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार ने इस संबंध में मंगलवार को सभी नगर निकायों को आदेश जारी किया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि पटरी दुकानदारों को पथ विक्रय अधिनियम का उल्लंघन करने की आड़ लेकर आए दिन प्रताड़ित करने और उन्हें हटाने की शिकायतें शासन को मिल रही हैं। जबकि पथ विक्रेता अधिनियम और पथ विक्रेता नियमावली के आधार पर पटरी दुकानदारों को पथ विक्रय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्हें परिचय पत्र दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त पथ विक्रेता अधिनियम व नियमावली में पटरी दुकानदारों की बेदखली और उनकी शिकायतों का निवारण व विवादों के समाधान का भी प्रावधान है। ऐसे में नियमावली का उल्लंघन करते हुए अगर पटरी दुकानदारों को प्रताड़ित किया जा रहा है तो इसे रोका जाए और उन कर्मियों पर कार्रवाई की जाए।