फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जमीन प्रेम' में नप सकते हैं सपा के मंत्री जी

Sat, 09 Nov 2013 02:00 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी जमीन पर कब्जे और विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में प्रदेश के होमगार्ड एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन


लोकायुक्त से जमीन कब्जे की शिकायत के साथ जिन लोगों के हलफनामे लगाए गए हैं उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से दर्ज किए गए बयानों में आरोपों को दोहराया है।

कुशीनगर जिला प्रशासन की ओर से हलफनामा देने वालों के बयानों की प्रतियां तथा कब्जाई गई जमीनों का ब्योरा शुक्रवार को लोकायुक्त के समक्ष दाखिल कर दिया गया।

जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक जिन जमीनों को लेकर शिकायत की गई है वह 2004 से ही राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं।

कुछ जमीनें रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं जिसके लिए अभिलेखों में संशोधन की कार्यवाही चल रही है।

प्रशासन का दावा है कि अवैध रूप से राजस्व अभिलेखों में दर्ज कुछ जमीनों की जांच कराकर वापस लेने की कार्यवाही भी की जा रही है।

पढ़ें-धनंजय के पीछे पड़ी दिल्ली पुलिस, जुटा रही पुराना रिकॉर्ड

लोकायुक्त ने डीएम को खुद जांच करके 19 नवंबर तक रिपोर्ट भेजने को कहा है। मार्च, 2012 में मंत्री बनने के बाद ब्रह्मा शंकर के नाम दर्ज की गई जमीनों का ब्योरा खास तौर पर तलब किया गया है।
विज्ञापन


ब्रह्मा शंकर की शिकायत के मामले में आज कसया के एसडीएम करुणेश तथा तहसीलदार राजेश कुमार सिंह ने लोकायुक्त के समक्ष हाजिर होकर हलफनामा देने वालों के बयानों की प्रतियां दाखिल कीं।

हलफनामा देने वालों ने कहा है कि उन्होंने जो आरोप लगाए हैं वे सही हैं। अधिकारियों ने लोकायुक्त को बताया कि डीएम ने अभी इसकी जांच नहीं की है।

ग्राम अनिरुधवा, भैंसहा और ग्रामसभा पिपराझाम में जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतों के बारे में एसडीएम ने 2004 से रेवेन्यू रिकॉर्ड न होने की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व कानून के तहत अभिलेखों में संशोधन की कार्यवाही चल रही है और अगर कहीं अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे खाली कराया जाएगा।

भैंसहा की नवीन परती और बंजर जमीन नौतन हथियागढ़ स्थित परमेश्वर महाविद्यालय में शामिल करने के मामले में अधिकारियों ने बताया कि जमींदारी उन्मूलन अधिनियम की धारा 198 के तहत कार्यवाही की जा रही है।

अगर अवैध कब्जा मिलता है तो जमीन वापस ली जाएगी। अधिकारियों का कहना था कि यह राजस्व न्यायालय से संबंधित प्रकरण हैं। कुछ जमीन हॉकी संघ कुशीनगर के नाम भी दर्ज है।
विज्ञापन


लोकायुक्त ने डीएम से पूछा है कि संघ मान्यता प्राप्त है या नहीं, इसका स्तर क्या है, यह कोई संस्था है, खेल संघ है या क्लब है?

इसका मंत्री या उनके परिवार वालों से क्या संबंध है और उनका कितना दखल है? यह रिपोर्ट भी 19 नवंबर तक मांगी गई है।

लखनऊ की अन्य खबरों के लिए क्लिक करें यहां
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें