सीओ ने बताया कि मैनेजर कारी तैय्यब के खिलाफ दर्ज तीनों मुकदमों की तफ्तीश जारी है। दुष्कर्म व छेड़खानी एवं पॉक्सो एक्ट के मुकदमों में छात्राओं के मेडिकल व कलमबंद बयान दर्ज कराए गए हैं।
वहीं, मदरसा संस्थापक सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ की तहरीर पर कारी तैय्यब के खिलाफ जालसाजी, बंधक बनाकर गालीगलौज, जानमाल की धमकी व 7 क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में भी साक्ष्य संकलन जारी हैं। उन्होंने मैनेजर पर साथियों की मदद से छात्राओं को मदरसे में बंधक बनाने व सप्लाई का आरोप लगाया था।
जेल से लाकर राज उगलवाएगी पुलिस
सीओ ने कहा कि दुष्कर्म के मुकदमे में कारी तैय्यब का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर उससे राज उगलवाने की कोशिश की जाएगी। पीड़िता ने तीन साल पहले कमरे में बुलाकर छेड़खानी और डरा-धमकाकर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कहा है कि मैनेजर अक्सर उसे कमरे में बुलाकर यौन शोषण करता था। डर के कारण वह किसी से बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी थी।
मदरसे से छुड़ाई गईं 52 छात्राओं में अब तक 48 को उनके परिवारीजनों को सौंपा जा चुका है। बाकी चार छात्राओं के परिवारीजनों के नहीं आने से उन्हें महिला शरणालय में आश्रय दिया गया है।
बाल कल्याण समिति के मुताबिक सोमवार को 12 बच्चियों में से आठ को शाम तक उनके परिवारीजनों को सौंप दिया गया है। इस दौरान बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कुलदीप रंजन व सदस्य विजय सक्सेना और सुधा रानी के साथ संबंधित विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए थे।
समिति की सदस्य सुधा रानी ने बताया कि बाराबंकी, सीतापुर व बिहार से आए परिवारीजनों ने आईडी प्रूफ मिलने में देरी होने के कारण बच्चियों की सुपुर्दगी देने में देरी हुई। बचीं चार छात्राओं के परिवारीजनों को इंतजार किया जा रहा है।