मुख्य अभियंता ने बताया कि एलएंडटी, एनसीसी के बनाए प्रोजेक्ट में लगातार सिविल वर्क से जुड़ी शिकायतें आ रही हैं। तीन साल में ऐसी शिकायतें आने पर बिल्डर कंपनी की जिम्मेदारी बनती है। कंपनियां इन्हें चार महीने में दूर करेंगी। इसके लिए नोटिस भी दिया जा रहा है। इस बीच इन्हें किसी भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा।
वहीं, चार महीने में शिकायतें दूर नहीं हुईं तो स्थायी रूप से पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है। वहीं, लिफ्ट लगाने वाली कंपनियां ओटिस और जॉहन्सन पर भी कार्रवाई की गई है। एक साल बाद ही लिफ्ट में खामियां आने लगी हैं। 15 साल तक की लिफ्टों में ऐसा होना उचित नहीं है। अब कंपनियां नई लिफ्ट तभी आपूर्ति कर पाएंगी जब पिछली ठीक हो जाएंगी।