मुजफ्फरनगर-शामली के हिंसाग्रस्त इलाकों में सद्भावना कायम करने के लिए गठित मंत्रियों की कमेटी ने माना है कि वहां एकपक्षीय कार्रवाई हुई।
दोनों पक्षों के लोगों ने मंत्रियों से यह शिकायत की है। इसी के आधार पर समिति ने सभी एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने और प्रशासन से दबावमुक्त कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
इस कमेटी ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से कहा है कि पार्टी के स्थानीय नेताओं को पाबंद करें कि वे प्रशासन पर अनुचित दबाव न बनाएं।
लोक निर्माण एवं सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में दस मंत्रियों की सद्भावना समिति ने पांच और छह अक्तूबर को मुजफ्फरनगर-शामली के हिंसा प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित लोगों से बात की थी।
दोनों जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक करके हालात की जानकारी ली थी। समिति ने यह रिपोर्ट सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को सौंपी है। समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि दोनों पक्षों को एकपक्षीय कार्रर्वाई की शिकायत है।
समिति ने सिफारिश की है कि मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत में जो भी एफआईआर कराई गई हैं, उनकी जांच कराकर निर्दोषों के नाम निकाले जाएं। जिला एवं पुलिस प्रशासन से कहा जाए कि निष्पक्ष और दबाव रहित होकर काम करें।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी के स्थानीय नेताओं को भी प्रशासन के काम में बेवजह दखल देने से रोकने के लिए कहा गया है।
शिवपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित विस्थापितों की गांवों में वापसी को लेकर जो आशंकाएं थीं, उनके निराकरण के लिए शासन-प्रशासन गंभीर है। पीड़ित परिवारों की जान-माल की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
मदरसों और सरकार में बेहतर तालमेल: शिवपाललोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने मुजफ्फरनगर-शामली में विस्थापितों के लिए शिविरों के संचालन में मदरसों की भूमिका की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मदरसों और राज्य सरकार के बीच अच्छा तालमेल बना हुआ है। उन्होंने कहा, हिंसा के बाद मदरसों ने पीड़ित परिवारों को तत्काल आश्रय दिया।
इससे पीड़ितों को मदद पहुंचाने में काफी सुविधा रही। उन्होंने उम्मीद जताई है कि विस्थापितों के बीच विश्वास पैदा करने और उनके पुनर्वास में मदरसा संचालकों का सहयोग मिलता रहेगा।
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