महिला सहयोगी का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी डीपीओ मोहम्मद जफर खान से सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं के अधिष्ठान का काम छीन लिया गया है। डीपीओ कमलेश गुप्ता अब यह जिम्मेदारी संभालेंगी। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) निदेशक डॉ. सारिका मोहन पिछले 15-20 वर्षों से निदेशालय में जमे बाबुओं के काकस को तोड़ने के प्रयास में जुटी हैं।
उन्होंने मुख्यालय से संबद्ध डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे डीपीओ व लिपिकों का संबद्धीकरण समाप्त कर उनके मूल तैनाती वाले जिलों में भेज दिया है। मलाईदार पटल पर वर्षों से तैनात बाबुओं और अधिकारियों के कार्य आवंटन में भी भारी फेरबदल किया है। निदेशक ने गत 10 जुलाई को तमाम पटल पर नए अधिकारियों व लिपिकों को नए सिरे से जिम्मेदारी दी थी।
इस दौरान कुछ लोगों ने निदेशक को गलत तथ्य बताकर दागदार अधिकारियों को महत्वपूर्ण पटल दिला दिया था। इनमें डीपीओ मोहम्मद जफर खान को सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं के अधिष्ठान के अलावा निर्माण एवं संरचना पटल का भी प्रभारी बना दिया गया, जबकि जफर कानपुर की एक महिला सीडीपीओ के साथ दुर्व्यवहार व शारीरिक शोषण के आरोपी हैं।