केजीएमयू प्रशासन ने ट्रॉमा सेंटर में बुधवार देर रात आग लगने के मामले में शुरुआती जांच में दो इंजीनियर और एक सिस्टर इंचार्ज पर कार्रवाई की है। विस्तृत जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। ट्रॉमा सेंटर के दूसरे तल पर लिफ्ट व फॉल सीलिंग में आग लग गई थी। पूरे वार्ड में धुआं भर गया था।
मरीजों को दूसरे विभागों में शिफ्ट कर दिया गया था। केजीएमयू प्रशासन ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएस कुशवाहा के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की। चीफ प्रॉक्टर ने इंजीनियरिंग विभाग के साथ घटनास्थल को देखा।
शुरुआती जांच में मेकेनिकल विभाग में सहायक अभियंता व अग्नि नियंत्रक एवं लिफ्ट संचालन कार्य के प्रभारी उमेश यादव को निलंबित किया गया है। वहीं प्रतिनियुक्ति पर आए विद्युत विभाग के सहायक अभियंता अखिलेश कुमार को उनके मूल विभाग में भेजने की संस्तुति की गई है।
इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत सिस्टर इंचार्ज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। आरोप है कि बिजली विभाग के एक इंजीनियर को अफसरों ने बचा लिया। पूर्व में उस पर आरोप लग चुके हैं। कई विवादों में भी इंजीनियर का नाम आ चुका है।