राजस्व न्यायालयों में मुकदमों के ब्योरे व आदेश बार कोड युक्त पेपर पर दर्ज करने के निर्देशों की अवहेलना पर अपर आयुक्त (प्रशासन) वाराणसी महेंद्र कुमार राय फंस गए हैं। राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने मंडलायुक्त वाराणसी दीपक अग्रवाल को राय के न्यायालय के न्यायिक स्टाफ को तत्काल निलंबित करने और अपर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनसे 12 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सभी राजस्व न्यायालयों में वाद का ब्योरा और आदेश बार कोड युक्त ऑर्डरशीट पर दर्ज करना अनिवार्य है। इसकी अवहेलना कदाचार मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश हैं। परिषद के चेयरमैन व सचिव समय-समय पर बैठकों व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह दिशा-निर्देश बताते भी रहे हैं। इसके बावजूद वाराणसी के अपर आयुक्त प्रशासन ने सादे कागज पर ही आदेश पारित कर दिया।
मामला पकड़ में आने पर चेयरमैन ने मंडलायुक्त वाराणसी को इस संबंध में कड़ा पत्र जारी किया है। उन्होंने मंडलायुक्त को संबंधित न्यायिक स्टाफ को तत्काल निलंबित कर अनुशासनिक कार्यवाही कराने और अपर आयुक्त का स्पष्टीकरण लेकर 12 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
स्पष्टीकरण में राय से पूछा जाएगा कि कि क्यों न उनके विरुद्ध परिषद के आदेशों की अवहेलना व अनुशासनहीनता के लिए अनुशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए? चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि अगर तय तिथि तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया तो राय के खिलाफ यथोचित निर्णय ले लिया जाएगा।