कविता ने नितेश संग लिए सात फेरे
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दुल्हन का जोड़ा पहने, सुर्ख लाल मेंहदी से रंगे हाथ और चेहरे पर खुशियां लिए हुए कविता लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी नितेश की हो गईं। दोनों पहले से ही एक दूसरे को पसंद करते थे।
टिकैतनगर के श्री हनुमान मंदिर में विवाह रचाया। हालांकि पुराने जख्मों को याद कर कविता की आंखें छलक उठीं पर कुछ ही पल में उसने आंसू पोंछे और कहा कि उसे खुशी है कि वह संघर्षों से हारी नहीं।
कविता कहने लगी कि मैं किसी और से शादी करना चाहती थी, यह बात शोहदों को रास नहीं आई और उन्होंने तेजाब फेंक दिया। सबने साथ छोड़ दिया लेकिन इस जंग में नितेश ने मेरा पूरा साथ दिया। नितेश प्राइवेट जॉब के साथ-साथ समाजसेवा से भी जुड़े हुए हैं।
अब जिंदगी में वह उम्मीद की किरण बनकर आए है। बता दें कि प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक अग्रवाल ने कविता केचेहरे की सर्जरी की थी। कविता की शादी के लिए डॉ. विवेक ने जयमाल व फेरों का इंतजाम किया। भव्य समारोह कराया।