लखनऊ। विधान भवन में घुसकर तोड़फोड़ व पुलिस पर हमला करने के आरोपी परमजीत सिंह को हजरतगंज पुलिस ने 28 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने परमजीत को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद से आरोपी फरार था।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि परमजीत अलीगढ़ में छिपा था। आरोपी को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। परमजीत के अलावा आठ अन्य लोगों पर हमला, बलवा और सेवेन सीएलए एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज थी। आरोपी का सशर्त जमानत मिली थी।
उसके फरार होने पर वर्ष 1997 में गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। नोटिस भेजने के बाद भी हाजिर नहीं हुआ। पुलिस ने घर की कुर्की कर दी थी, लेकिन वह नहीं हाजिर हुआ।
तत्कालीन इंस्पेक्टर सरोजनीनगर ने दर्ज कराई थी एफआईआर
इंस्पेक्टर ने बताया कि 15 फरवरी 1991 को कांग्रेस (आई) का प्रदर्शन था। गेट नंबर एक पर तत्कालीन सरोजनीनगर इंस्पेक्टर की ड्यूटी थी। तभी 30-40 कार्यकर्ता, पुलिस से धक्का मुक्की कर दीवार फांदकर विधान भवन में दाखिल होकर तोड़फोड़ करने लगे थे। सरोजनीनगर के तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार यादव ने एफआईआर दर्ज कराई थी। परमजीत अलीगढ़ सिविल लाइंस स्थित श्यामनगर का रहने वाला है।