लखनऊ। मिलाद पढ़ाने के बहाने किशोरी को घर बुलाकर दुष्कर्म करने के आरोपी किताबुल को पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन ने बताया कि वादिनी ने 28 जनवरी 2022 को ठाकुरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उनका कहना था कि 27 जनवरी को परिचित मुन्नी की बहन चांद तारा उनके घर आई थी। वह उनकी 15 साल की बेटी को मिलाद पढ़ाने के बहाने अपने घर ले गई थी। रात 10 बजे तक बेटी नहीं लौटी तो वह मुन्नी के घर गई थीं। यहां उसने बहाना बनाकर उन्हें घर भेज दिया था। इसके बावजूद बेटी नहीं आई थी। आरोप था कि मुन्नी, लड्डू, चांदतारा और किताबुल ने उनकी बेटी को गायब कर दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी किताबुल के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी।