लखनऊ। एडीजे प्रशांत बिलगैया ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोपी अरविंद को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। पीड़िता ने पहले कोर्ट में बयान दिया था कि 10 मई 2019 को अरविंद उसे जबरन कानपुर ले गया। वहां उसे तीन दिन तक रखा गया और मारपीट की गई।
हालांकि, जिरह के दौरान पीड़िता अपने बयान से पलट गई। उसने खुद को बालिग बताया और कहा कि वह अपनी मर्जी से अरविंद के साथ गई थी। पीड़िता ने स्पष्ट किया कि अरविंद उसे बहला-फुसलाकर नहीं ले गया था। उसने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ गलत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़िता ने बताया कि उसने पहले के सभी बयान दबाव में दिए थे। इस मामले में पीड़िता की मां ने 11 मई 2019 को अरविंद पर 16 वर्षीय बेटी को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए मलिहाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।