शैलेंद्र धर द्विवेदी के मुताबिक नौ अप्रैल को उन्हें अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कूरियर कंपनी ब्लू डार्ट एक्सप्रेस का ब्रांच मैनेजर राहुल कुमार बताया। उसने कहा कि उनके नाम से मुंबई से बैंकॉक पार्सल भेजा गया है। उसमें पांच पासपोर्ट, 200 ग्राम एमडीएम, एक लैपटॉप और कपड़े थे। आरोपी ने मुंबई क्राइम ब्रांच में प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही। इसके बाद खुद को सीबीआई और आरबीआई अफसर बताकर व्हाट्सएप पर बात की। ठगों ने उन्हें घर से बाहर जाने से रोका और जेल भेजने की धमकी देकर बैंक खातों की जानकारी ले ली। इसके बाद सिगनल एप पर लगातार बात करते रहे और अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने अपना नाम जांच अधिकारी विजय पाल, डीसीपी बल सिंह राजपूत और फाइनेंस अफसर जॉर्ज मैथ्यू बताया था। रुपये ट्रांसफर करने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने फ्रीज कराए 1.27 लाख रुपये
इंस्पेक्टर साइबर थाना के मुताबिक, पुलिस ने बैंकों से संपर्क कर कार्रवाई की। ठगों के खाते में जमा एक लाख 27 हजार रुपये फ्रीज कराए गए। ठगों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर छानबीन की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।