राजधानी लखनऊ के दुबग्गा इलाके में भवन निर्माण करा रहे बिजली विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता नूरुल इस्लाम से कुछ दबंगों ने 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विरोध करने पर असलहा तान दिया। जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर दुबग्गा थाने में रंगदारी मांगने सहित अन्य धाराओं में आठ नामजद और 4-5 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मड़ियांव के केशवनगर स्थित बारी एंक्लेव निवासी नूरुल इस्लाम के मुताबिक उनका दुबग्गा के बेगरिया में भूखंड है। मंगलवार को वह प्लाट पर निर्माण करवा रहे थे। आरोप है कि इसी बीच हिस्ट्रीशीटर उमेश रावत उर्फ मूसा साथियों लल्लू रावत, अच्छे रावत, विक्रांत साहू, गंगाराम, भाईलाल, हरिओम, प्रदीप गौतम व आधा दर्जन अन्य लोगों के साथ वहां आकर धमकाया। निर्माण रुकवाते हुए 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग की। रंगदारी न देने पर काम नहीं करने की धमकी दी।
आरोप है कि उमेश उर्फ मूसा ने नूरुल इस्लाम पर असलहा तान दिया। किसी तरह वहां से जान बचाकर मौके पर पुलिस को आता देख आरोपी साथियों संग भाग निकला। इंस्पेक्टर दुबग्गा अभिनव वर्मा के मुताबिक तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मूसा के खिलाफ दुबग्गा और काकोरी थाने में गैंगस्टर समेत 13 मामले दर्ज है।
उन्होंने बताया कि मूसा के खिलाफ पुलिस कमिश्नर ने जिला बदर की भी कार्रवाई की थी। 25 जून को जिला बदर का समय पूरा होने के बाद वापस आया। बुधवार को काकोरी पुलिस ने उमेश रावत उर्फ मूसा को गैंगस्टर के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।