रेलवे बोर्ड चेयरमैन (सीआरबी) अश्विनी लोहानी के आदेश की रेलवे अधिकारियों को कतई परवाह नहीं। उनका वीआईपी ट्रीटमेंट व सैलून का मोह नहीं छूट रहा है। सरकारी ड्यूटी के नाम पर सैलून से निरीक्षण करने वाले यह अधिकारी लेखा अनुभाग के हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्कल एक्सप्रेस व कैफियात एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के बाद रेल मंत्रालय की काफी फजीहत हुई थी।
जिसके बाद एक ओर जहां ट्रैक मेंटीनेंस व सेफ्टी पर जोर दिया गया, वहीं एसी कमरों में आराम से ड्यूटी करने वाले आला रेलवे अधिकारियों की सुविधाआें पर भी कैंची चलाई गई। सीआरबी अश्विनी लोहानी से वीआईपी ट्रीटमेंट खत्म करते हुए निरीक्षण पर जाने वाले अधिकारियों को सैलून की जगह थर्ड एसी में सफर करने की हिदायत दी थी।
इसके बावजूद मंगलवार रात उत्तर मध्य रेलवे के एक अधिकारी सैलून का इस्तेमाल करते हुए पहले इलाहाबाद से कानपुर गए। जहां कानपुर में सैलून को इंदौर-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस में लगा दिया गया। इसके बाद सैलून की शंटिंग चारबाग रेलवे स्टेशन पर सैलून साइडिंग में की गई। लेखा अनुभाग में तैनात अधिकारी ने लखनऊ के कुछ कार्यालयों में प्रशासनिक कार्यों का निरीक्षण किया। उन्हें सैलून का आवंटन भी सवालों के घेरे में है। उत्तर रेलवे के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।