कृष्णानगर में पिकेडली होटल के पास मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बेकाबू स्विफ्ट कार ने नीरज कुमार वर्मा (22) और उसके पांच वर्षीय भतीजे यश को रौंद दिया।
हादसे में नीरज की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की मदद से यश को लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद स्विफ्ट कार चालक बाराबिरवां चौराहे से वीआईपी रोड होते हुआ भाग निकला। कार का पता लगाने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
एसओ कृष्णानगर विजय कुमार यादव ने बताया कि सरोजनीनगर के गहरू निवासी दुर्गेश की गर्भवती पत्नी निशा दुबग्गा स्थित अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार सुबह दुर्गेश ने फोन कर छोटे भाई नीरज को अस्पताल बुलाया।
साथ ही कहा कि वह बड़े बेटे यश को भी साथ लेता आए। करीब सवा चार बजे वह यश को लेकर बाइक से निकला। पिकेडली होटल के पास फोन आने पर नीरज बाइक सड़क किनारे रोककर बात करने लगा।
इस दौरान बेलगाम स्विफ्ट कार ने बाइक में टक्कर मार दी। दोनों बाइक सहित उछलकर दूर जा गिरे और कार चालक उन्हें रौंदते हुए भाग निकला।
नीरज एक निजी कंपनी में करता था नौकरी
नीरज कुमार वर्मा
- फोटो : amar ujala
नीरज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मॉडर्न कंट्रोलरूम की पॉवर गाड़ी घटनास्थल पहुंची और दोनों को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
पिता रामनरेश ने बताया कि नीरज नादरगंज में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वह पिता और मां हेमवती व बहन सविता के साथ रहता था। जबकि दो बड़े भाई कुलदीप और दुर्गेश परिवार के साथ घर के पास ही किराये पर रहते हैं।
दुर्गेश ने इसी वर्ष बेटे यश का एडमिशन गहरू में कैपिटल पब्लिक स्कूल में नर्सरी में कराया था। छोटी बहन सविता ने सोमवार को नीरज के साथ रक्षाबंधन के लिए खरीदारी की थी।
उसे राखी दिलाते वक्त नीरज ने पूछा कि तोहफे में क्या चाहिये? इस पर सविता ने कलाई घड़ी मांगी। नीरज ने उसे सूट देने का भी वादा किया था। उसने कहा था कि भाभी की डिलीवरी के बाद जब वह मार्केट जाएगा तो उसके लिए तोहफा लाएगा।
सविता उसके शव के बगल में बैठकर कहती रही कि तोहफा न दो भैया, बस तुम लौट आओ। यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा होगा। नीरज और यश की मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
रामनरेश और हेमवती सहित परिवार के अन्य सदस्य नए मेहमान की खुशी तक नहीं मना सके। दुर्गेश की हालत तो और बुरी थी। एक बेटा दुनिया में आया तो दूसरा हमेशा के लिए छोड़कर चला गया।
हादसे के बारे में फिलहाल निशा को जानकारी नहीं दी गई है।अस्पताल में होश में आते ही निशा ने यश के बारे में पूछा तो उसके घर पर होने की बात कहकर टाल दिया गया।
हादसे के बाद फट गया कार का कारबोरेटर
डेमो
उधर, हादसे की जानकारी मिलते ही रामनरेश के घर पर मुहल्ले के लोगों की भीड़ जुट गई। शाम को जब चाचा-भतीजे के शव घर पहुंचे तो रोना-पीटना मच गया।
नीरज को उसके परिवारीजनों ने ही चाचा बनने की बधाई देने के लिए फोन किया था। परिवारीजनों ने बताया कि निशा के दर्द उठा तो डॉक्टरों ने डिलीवरी की बात कही। दुर्गेश चाहता था कि उसका बड़ा बेटा यश भी आने वाले मेहमान को देखे।
इसीलिए उसने नीरज को फोन कर कुछ जरूरी सामान और यश को लेकर आने को कहा। वह रास्ते में ही था कि निशा ने बेटे को जन्म दे दिया। डॉक्टर ने जैसे ही बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं, परिवारीजनों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
सभी एक-दूसरे को बधाई देने लगे। रिश्तेदारों और परिचितों को फोन करके खुशखबरी सुनाई। नीरज को भी फोन किया तो वह बाइक किनारे खड़ी करके बातचीत करने लगा। इस दौरान स्विफ्ट कार दोनों का काल बनकर आ गई।
एसओ ने बताया कि चाचा-भतीजे को रौंदने के बाद कार का कारबोरेटर फट गया और कूलेंट गिरने लगा। कूलेंट के निशान के सहारे कार की वीआईपी रोड तक तलाश की गई। कूलेंट खत्म होने के बाद निशान नहीं मिले।
कार का पता लगाने के लिए पिकेडली होटल, बाराबिरवां चौराहा और वीआईपी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई गई है। एसओ ने जल्द कार का पता लगाने की बात कही है।