लखनऊ। कृष्णानगर में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर छह लोगों पर 12 सितंबर को आलमबाग के मवैया चौराहा निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुदर्शन घोष को अपहरण कर 15 लाख रुपये की फिरौती वसूलने का आरोप है। मामले में पीड़ित ने 13 सितंबर को कृष्णानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कृष्णानगर पुलिस समेत आठ टीमों ने रविवार को अपहरण करने वाले गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी दक्षिणी मुश्ताक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बुलंदशहर के शिकारपुर के रहने वाले अनुराग सिंह, लवी कुमार, दीपांशु, आकाश चौधरी और बिहार के सारन का निवासी मनीष कुमार और मुजफ्फरपुर निवासी अनुराग कुमार है। डीसीपी के मुताबिक पीड़ित ने बताया कि कृष्णानगर में 12 सितंबर को वह दफ्तर के पास पहुंचे तभी एसयूवी से पांच लोग निकले और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें जबरन एसयूवी में बैठा लिया और कन्नौज ले गए। पत्नी को कॉल कर फिरौती मांगी। देर रात आरोपियों ने शहीद पथ पर उनके चालक से फिरौती के 13 लाख रुपये नकद व दो लाख के गहने ले लिए। इसके बाद आरोपी उन्हें वहीं उतारकर भाग निकले। एडीसीपी ने बताया कि गिरोह का सरगना की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
एक और अपहरण करने के लिए आ रहे थे लखनऊ
डीसीपी ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी थी तभी आरोपी रविवार को दूसरी घटना को अंजाम देने के लिए लखनऊ आ गए। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सभी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे, तीन कारतूस, 2.50 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल एसयूवी, दो जाली नंबर प्लेट और पुलिस के चार फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए।
रंजिश रखने वालों की सूचना पर करते थे वारदात : एडीसीपी दक्षिणी आर वसंथ कुमार के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अभी तक उन्हें जितनी घटनाएं की हैं उनमें उनकी मदद पीड़ितों से रंजिश रखने वालों ने की है। इस घटना में भी आरोपी के करीबी और रंजिश रखने वाले ने प्रॉपर्टी डीलर के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने करीब तीन दिन तक उनकी रेकी भी की थी।
पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर