आवास विकास परिषद इस साल गरीबों के लिए 11 हजार मकान बनाएगा। इनमें आठ हजार मकान ईडब्ल्यूएस के होंगे और तीन हजार एलआईजी के।
साथ ही मध्य आय वर्ग और उच्च आय वर्ग के लिए परिषद मकान बनाएगा। इस दिशा में परिषद ने कई योजनाएं शुरू भी कर दी हैं।
मकानों की बेहतर गुणवत्ता के लिए जांच कमेटी भी बनाई जाएगी। यह कार्यस्थल पर जाकर निर्माण कार्य भी जांचेगी। चालू वित्तीय वर्ष 2013-14 में आवास विकास परिषद ने गरीबों के लिए 11 हजार मकानों का लक्ष्य तय किया है।
यह मकान सुल्तानपुर रोड स्थित अवध विहार योजना, रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना और हरदोई रोड बाई पास स्थित गोकुल ग्राम योजना में बनाए जाएंगे।
इनकी कीमत नौ लाख रुपये के करीब होगी। आवास आयुक्त एमकेएस सुंदरम ने बताया कि हरदोई रोड बाई पास स्थित गोकुल ग्राम योजना में जल्द ही 2000 से अधिक फ्लैटों का पंजीकरण खोला गया है।
अवध विहार योजना में 1500 फ्लैटों का पंजीकरण किया जा चुका है और अब लॉटरी डाली जानी है।
इसके अलावा मध्य आय वर्ग के लिए वृंदावन योजना में अरावली और अवध विहार योजना में भागीरथी व अलकनंदा अपार्टमेंट बनाए जा रहे है।
इसमें फ्लैटों की कीमत 37 से 57 लाख रुपये के बीच है। गाजियाबाद की सिद्धार्थ विहार योजना में गंगा व यमुना अपार्टमेंट बन रहे हैं।
इसमें फ्लैटों की कीमत 47 से 62 लाख रुपये है। वहीं, मकानों की गुणवत्ता में कोई गड़बड़ी न हो पाए, इसके लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी औचक जांच कर आवास आयुक्त को रिपोर्ट देगी।
परिषद की कॉलोनियों में बनेंगे सामुदायिक केंद्र
आवास आयुक्त का कहना है कि परिषद की कालोनियों में सामुदायिक केंद्र बनाए जाएंगे। सुविधायुक्त इन सामुदायिक केंद्रों का आवंटन सस्ती दर पर किया जाएगा। संपत्ति प्रभारियों से कहा गया है कि वह योजनाओं में सामुदायिक केंद्र से संबंधित पूरी रिपोर्ट दें।
जांच परखकर खरीदें जमीन
आवास आयुक्त ने अपील की है कि लोग जमीन जांच पड़ताल के बाद ही खरीदें। पहले कानूनी स्तर पर जमीन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करें और उसका अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्राप्त करें। जमीन की वास्तविक कीमत क्या है इसकी जानकारी खरीदने से पहले करना आवश्यक है।