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बड़ा आरोप: आप और कांग्रेस बोली- कुंभ मेले में हुआ अब तक का सबसे बड़ा घोटाला

Tue, 24 Aug 2021 11:48 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

संजय सिंह ने कहा कि कुंभ के नाम पर जो 32 ट्रैक्टर खरीदने की बात कही जा रही है वास्तव में उस पर मोपेड व स्कूटर के नंबर अंकित हैं। इसका मतलब यह है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों ने मोपेड व स्कूटर से कुड़े की ढुलाई करा दी और इस पर 33.50 लाख रुपये भी खर्च कर दिए।
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आप नेता संजय सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) द्वारा प्रयागराज कुंभ मेला-2019 में बजट खर्च में अनियमितता को लेकर दी गई रिपोर्ट पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह और कांग्रेस के विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।

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संजय सिंह ने कहा कि रिपोर्ट में कुंभ के लिए आवंटित 2700 करोड़ रुपये में बड़े पैमाने पर घोटाले का खुलासा हुआ है। यह चारा घोटाला से भी बड़ा महाघोटाला है। यह राज्य सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का पोल खोल रहा है।

उन्होंने कहा कि कुंभ के नाम पर जो 32 ट्रैक्टर खरीदने की बात कही जा रही है वास्तव में उस पर मोपेड व स्कूटर के नंबर अंकित हैं। इसका मतलब यह है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों ने मोपेड व स्कूटर से कुड़े की ढुलाई करा दी और इस पर 33.50 लाख रुपये भी खर्च कर दिए।
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संजय सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अभिलेखों से मेसर्स स्वास्तिक कंस्ट्रक्शन से संबंधित सत्यापन रिपोर्ट में 32 ट्रैक्टरों की पंजीकरण संख्या के सत्यापन में पाया गया है कि 32 में से चार ट्रैक्टरों के पंजीकरण नंबर एक मोपेड, दो मोटरसाइकिल और एक कार के थे।

कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि कुंभ मेले के लिए उपकरणों की खरीद के लिए राज्य आपदा राहत कोष की राशि में से गृह विभाग को 65.87 करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया गया था, जबकि इस कोष का उपयोग केवल आपदा पीड़ितों के लिए होता है। रिपोर्ट में वित्तीय स्वीकृति से अधिक या बगैर वित्तीय स्वीकृति के कार्य कराए जाने के मामले भी सामने आए हैं।

वहीं दीपक सिंह ने कहा कि प्रदेश में आयोजित कुंभ मेले में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। भ्रष्टाचारियों को दिए गए ढाई साल के समय में सही से कार्रवाई होती तो कई मंत्री और अधिकारी आज जेल में होते। इस मुद्दे पर भाजपा सरकार का सदन में भी ध्यानाकर्षण किया था, पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

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