आम आदमी पार्टी सूबे में सभी प्रमुख नेताओं के खिलाफ लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी। दावा किया जा रहा है कि साफ-सुथरी छवि के कई लोग उम्मीदवार बनने को पार्टी के संपर्क में हैं।
वहीं 10-15 दिनों में सीटों की संख्या फाइनल होने की बात कही जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता व केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य संजय सिंह सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूपी में मुलायम सिंह यादव सहित सभी दलों के प्रमुख नेताओं के खिलाफ लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी खड़ा करेगी।
राहुल गांधी के खिलाफ कुमार विश्वास के चुनाव लड़ने का मामला पहले से ही चुनाव समिति के पास है जबकि सोनिया गांधी व नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवारी पर चुनाव समिति अपना फैसला करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए साफ-सुथरी छवि के कई लोग हमारे संपर्क में हैं। लेकिन सभी की विश्वसनीयता परखने के बाद ही पार्टी तय करेगी कि कितनी सीटों से उम्मीदवार उतारें जाएं।
10 से 15 दिनों में सीटों की संख्या फाइनल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी आम आदमियों के ही मुद्दों पर हम चुनाव लड़ेंगे
मोदी राहुल फैक्टर का जादू फ्लॉप
संजय सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में मोदी व राहुल जैसे कोई फैक्टर नहीं चलेंगे। जनता के बुनियादी सवाल व मुद्दे ही चुनाव में चलेंगे। उन्होंने माना कि यूपी की राजनीति में जाति व धर्म हावी है।
‘आप’ का यह प्रयास होगा कि जाति, धर्म व क्षेत्रवाद के खांचों में बंटे लोगों को एक कर जनता के मुद्दों से उन्हें जोड़ा जाए। चुनाव में बिजली, पानी, शिक्षा, बेरोजगारी, टीईटी व किसानों के मुद्दे को महत्व दिया जाएगा।
सूबे में खादी व खाकी की गुंडागर्दी
आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत खराब है। यहां पर खादी व खाकी दो तरह की गुंडागर्दी हो रही है। आए दिन इनके मामले सुनने को मिल जाते है इससे हमें लड़ना होगा।
यहां असलहों से है नेताओं की पहचान
उन्होंने कहा कि यूपी में नेताओं के वीआईपी कल्चर से आम जनता परेशान हैं। यहां नेताओं की पहचान असलहों से होती है। आम आदमी पार्टी इन सभी चीजों से प्रदेश की जनता को निजात दिलाएगी
सपा व भाजपा कर रहीं सांप्रदायिक एजेंडे पर काम
संजय सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी व भाजपा मिलकर प्रदेश में सांप्रदायिक एजेंडे पर काम कर रही हैं। 84 कोसी परिक्रमा हो या फिर मुजफ्फरनगर दंगा सभी में दोनों पार्टियों की मिलीभगत उजागर हो चुकी है।
मंडल व कमंडल की राजनीति से भी प्रदेशवासियों को कुछ हासिल नहीं हुआ। इसलिए आम आदमी पार्टी आम जनता के मुद्दों पर ही फोकस करके चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा व कांग्रेस एक जैसी पार्टियां हैं। येदियुरप्पा को पार्टी में वापस लेकर भाजपा ने इसे साबित कर दिया है। कर्नाटक में चुनाव हारने के बाद भाजपा ने कहा कि हमें हारना मंजूर है, भ्रष्टाचार से समझौता करना नहीं।