भले ही राष्ट्रीय स्तर पर आम आदमी पार्टी बिखरी हुई नजर आ रही हो लेकिन यूपी सरकार को घेरने के लिए पार्टी ने रोडमैप तैयार कर लिया है।
आम आदमी पार्टी गरीबों को महंगी बिजली देने के प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी। इस मामले पर आप कार्यकर्ता घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगे।
इसके अलावा अगले सात दिनों तक आप वालंटियर गली व मोहल्लों में जाकर नुक्कड़ सभाएं कर जनसमर्थन जुटाएंगे।
यह जानकारी आप राष्ट्रीय परिषद के सदस्य वैभव माहेश्वरी ने दी है। उन्होंने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उससे शहरी बीपीएल परिवारों को मौजूदा दर से 75 फीसदी अधिक बिजली की कीमत अदा करनी पड़ेगी।
मिल सकता है राजनीतिक लाभ
गौरतलब है कि आम चुनाव में बुरी तरह विफल हाने के बाद आम आदमी पार्टी अब फिर से जनता के बीच पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में पार्टी को खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा मिल गया है, जिसे पार्टी कैश कराना चाहती है।
यह पहला मौका नहीं है जब आप ने प्रदेश सरकार को बिजली व्यवस्था पर घेरने का मन बनाया है। इसके पहले भी बाराबंकी के हुजूरपुर इकाई के पदाधिकारियों ने बदहाल बिजली व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया।
जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि लोकल फॉल्ट के नाम पर सरकार जमकर बिजली कटौती कर रही है, जिसके तहत घटिया किस्त के ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं जो कि अधिक लोड के कारण जल जाते हैं और उन्हें लंबे समय तक ठीक नहीं किया जाता।
आम चुनाव में 'आप' रही प्रभावहीन
आम आदमी पार्टी चुनाव के पहले दावा कर रही थी कि वह कम से कम सौ सीटें जीतकर केंद्र में एक बड़ी ताकत बनेगी लेकिन ऐसा न हो सका।
पार्टी आम चुनाव में सिर्फ 4 सीटें ही जीत सकी। वहीं उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रमुख चेहरे कुमार विश्वास और संयोजक अरविंद केजरीवाल हार गए।
पार्टी यूपी में 80 में से एक भी सीट नहीं जीत सकी। अब स्थानीय दिक्कतों को मुद्दा बनाकर पार्टी बड़े राजनीतिक लाभ की उम्मीद कर रही है।