11 माह का आकाश अपनी उम्र से बड़ा सा दिखने लगा है। उसके सिर का आकार भी सामान्य से बड़ा है। प्रोजेरिया नाम की बीमारी से पीड़ित इस बच्चे को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उसे दिल, लिवर सहित त्वचा संबंधी बीमारियों की भी आशंका है। बाल रोग विशेषज्ञ अब केजीएमयू और एसजीपीजीआई के सहयोग से इस बच्चे को बीमारियों से निजात दिलाने की कोशिश करेंगे।
बलरामपुर अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके सिंह ने बताया कि उतरौला गोंडा निवासी ममता तेज बुखार से पीड़ित 11 माह के बच्चे आकाश को लेकर मंगलवार को अस्पताल आई थी।
जांच में पाया गया कि बुखार के अलावा बच्चे को कोई गंभीर बीमारी है। जांच के दौरान आकाश में प्रोजेरिया बीमारी के लक्षण मिलते गए।
ये बीमारी कई हजार बच्चों में किसी एक को होती है और ऐसे बच्चे की अधिकतम आयु 10 से 15 वर्ष होती है। डॉ. जीके सिंह ने बताया कि बचपन में ही बुढ़ापे में होने वाली बीमारियां बच्चे को अपनी चपेट में ले लेती हैं।
बीमारी की पुष्टि के लिए मेडिकल कॉलेज से एक्स-रे और बॉयोकेमेस्ट्री टेस्ट कराए गए, जिसमें पता चला कि आकाश की हड्डियां ढाई वर्ष के बच्चे की भांति बढ़ चुकी हैं। अब उसकी आंखों की जांच कराई जाएगी।
इस बीमारी में कम उम्र में ही सिर के बाल गिरना, त्वचा में झुर्रियां, चेहरे पर दाग-धब्बे और त्वचा का रंग बदलने जैसे लक्षण आने लगते हैं। इसके साथ ही डायबिटिज होने की आशंका भी बढ़ जाती हैं।
रक्त वाहिनियों में कोलेस्ट्राल जम जाने के कारण ब्रेन स्टोक और हार्ट अटैक भी हो सकता है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चे का आईक्यू सामान्य बच्चों की भांति होता है। बच्चे का इलाज अस्पताल प्रशासन की ओर से निशुल्क किया जा रहा है।