गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बनवाने के लिए जल्द ही अलग शिविर आयोजित किए
जाएंगे।
इसमें संबंधित गैस उपभोक्ताओं का बायोमीट्रिक पंजीयन कराने के बाद
आधार कार्ड बनवाए जाएंगे।
जिससे केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा
निर्धारित तीन माह की अवधि में शत प्रतिशत गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड
बनवा कर उन्हें कस्टमर के बैंक खाते से संबद्ध करा डीबीटीएल (डायरेक्ट
बेनीफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी) के दायरे में लाया जा सके।
इसके लिए जनगणना
विभाग को महानिदेशालय स्तर से एनपीआर से अलग बायोमीट्रिक पंजीयन शिविर
लगाने की अनुमति लेकर कार्य योजना तैयार करने को कहा गया है।
एनपीआर
कार्यक्रम के नोडल प्रभारी व एडीएम वित्त व राजस्व एसके सिंह यादव ने
बताया कि शुक्रवार को गैस उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य डीबीटीएल योजना लागू
करने में आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए तेल कंपनियों व अन्य
संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
उन्होंने बताया कि
डीबीटीएल के लिए बैंक खाते से संबद्ध आधार कार्ड की अनिवार्यता को तय समय
में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके लिए वर्तमान में संचालित एनपीआर
बायोमीट्रिक पंजीयन के काम में तेजी लाते हुए शिविरों की संख्या और बढ़ाई
जाएगी।
उन्होंने बताया कि एनपीआर में बॉयोमीट्रिक पंजीयन के लिए वर्तमान
में नगर निगम के वार्ड-1 में चल रहे शिविरों की संख्या को बढ़ाने के साथ ही
जोन-4 में 8 जनवरी से शिविर आयोजित कराने के लिए नगर निगम व जनगणना विभाग
के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
पंजीकृत नागरिकों के आधार कार्ड
मौके पर जारी कराने की व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए नामित वेंडरों को
अपनी मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।