लखनऊ। मड़ियांव के फैजुल्लागंज मामा कॉलोनी-2 निवासी निजी चालक शुभम सोनी (26) की पुरानी रंजिश में चाकू से वार कर शनिवार रात हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप शुभम के दोस्त सुमित और उसके पिता मथुरा पर लगा है। घटना के बाद शुभम के घरवालों ने दोनों आरोपियों को मौके से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र ने बताया कि शुभम के भाई अभिषेक की तहरीर पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और चाकू भी बरामद किया
गया है।
अभिषेक ने बताया कि कुछ दिन पहले सुमित और उसके परिजनों ने शुभम पर घर से पायल व अन्य सामान चोरी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में मड़ियांव पुलिस से शिकायत भी की गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। अभिषेक के मुताबिक, शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे परिचित गोपी सिंह घर पहुंचा और शुभम को अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके बाद गोपी, सुमित और शुभम ने शराब पी। इसके बाद सुमित शुभम को अपने घर ले गया, जहां उसके पिता मथुरा भी मौजूद थे। इस दौरान पुराने विवाद को लेकर सुमित, उसके पिता मथुरा और शुभम के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते-ही-देखते विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज होने लगी।
जान बचाकर भागे शुभम को दौड़ाकर पकड़ा, चाकू मारा : झगड़े के दौरान शुभम अकेला पड़ गया और जान बचाकर भाग निकला। आरोप है कि सुमित और उसके पिता मथुरा ने शुभम का पीछा कर घर से कुछ ही दूरी पर गली में उसे पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट की और फिर पेट पर चाकू से हमला कर दिया। शुभम ने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंच गए और आरोपियों को पकड़ लिया। परिजन शुभम को घर ले आए। कुछ देर बाद जब शुभम के पेट से खून निकलता देखा तो चाकू मारे जाने का पता चला। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए जहां से उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान शुभम की मौत हो गई।
पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई की होती तो बच सकती थी जान : शुभम की हत्या के मामले में मड़ियांव पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच विवाद की जानकारी पुलिस को पहले से थी। बावजूद इसके पुलिस ने कोई निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो शायद शुभम की जान बच सकती थी। शुभम के परिवार में पिता प्रेम कुमार, मां मालती सिंह, तीन भाई और दो बहनें हैं।