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बहू बोली, 'शौचालय बनेगा, तभी लौटूंगी ससुराल'

Fri, 13 Feb 2015 01:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
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पति के घर में शौचालय न होने पर ससुराल छोड़ने वाली प्रियंका भारती की नजीर पर अब अवध में भी एक बहू ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। धनीराम का पुरवा की रीना घर में शौचालय न होने के कारण ससुराल छोड़कर मायके चली गई हैं।
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खास बात ये है कि रीना का पति अरविंद छह साल तक बसपा सुप्रीमो मायावती का खानसामा रहा है। शौचालय न होने के कारण रीना के ससुराल छोड़ने की जानकारी होने पर बृहस्पतिवार को गांव के लोगों ने पंचायत करके समस्या पर विचार-विमर्श किया।

देवकाली के धनीराम का पुरवा निवासी अरविंद मौर्य की शादी चार वर्ष पहले हैरिंग्टनगंज के चिखड़ी गांव निवासी दयाराम की पुत्री रीना मौर्य से हुई थी। रीना को तीन वर्ष का बेटा सूरज भी है। खपरैल के मकान में रहने वाले अरविंद की पत्नी काफी समय से मायके में है।
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इसको लेकर गांव आम चर्चा हो गई कि घर में शौचालय न होने के कारण रीना ससुराल छोड़कर चली गई है। सामाजिक जिम्मेदारी के नाते बृहस्पतिवार को गांव के ही आलोक कुमार द्विवेदी, राधेश्याम मौर्य, रामजी, रामदत्त, राजीव मौर्य, अशोक आदि अरविंद के घर पहुंचे।
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पति के चाचा के घर जाती थी शौच

पंचायत के दौरान अरविंद ने अपने साले पवन को फोन करके रीना को धनीराम का पुरवा भेजने को कहा। इस पर पवन ने दो टूक जवाब दिया कि शौचालय बनने पर ही वो अपनी बहन को वहां भेजेगा।

चिखड़ी गांव स्थित मायके में रह रही रीना ने बताया कि पति के घर में शौचालय नहीं है। ऐसे में वो पति के चाचा के घर का शौचालय इस्तेमाल करती थी लेकिन उनका दरवाजा खटखटाने में संकोच होता था।

रीना का कहना है कि कुछ दिन बाद चाचा ने मना भी कर दिया। ऐसे में मजबूर होकर मायके जाना पड़ा। रीना का कहना है कि घर में शौचालय बनेगा, तभी ससुराल लौटूंगी।
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चंदा जुटाकर बनेगा शौचालय

सभी ने शौचालय न होने के कारण रीना के मायके जाने को गंभीर समस्या बताया और घर में शौचालय बनवाने को लेकर विचार-विमर्श किया। तय हुआ कि जिला पंचायतराज विभाग व नगरीय विकास अभिकरण को प्रार्थनापत्र देकर शौचालय बनवाने की मांग की जाएगी।

प्रशासन से सुविधा नहीं मिली तो चंदा जुटाकर शौचालय बनवाया जाएगा। जिला पंचायतराज अधिकारी एके सिंह ने कहा कि धनीरामपुरवा नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र की बॉर्डर लाइन है। यदि अरविंद का घर गांव में होगा तो विभाग उसके घर में शौचालय बनवा देगा।

वहीं, नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी दिवाकर भारतीय यादव ने कहा कि वर्ष 2008 तक शौचालय बनवाने के लिए धन आवंटन होता था। मगर अब ये योजना बंद कर दी गई। फिर भी प्रार्थनापत्र आने पर कुछ व्यवस्था अवश्य करेंगे।
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