बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह तेंदुए ने घास काटने गई एक महिला को अपना निवाला बनाया। बगल के खेतों में मौजूद किसानों ने हांका देकर तेंदुए को भगाया। लगातार 20 दिन में तीसरी मौत से लोगों में भारी आक्रोश है। सूचना पर पहुंची पुलिस और वन टीम जांच पड़ताल में जुटी है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अरनवा के मजरा नरायनपुरवा निवासी चमेला (50) बृहस्पतिवार की सुबह मवेशियों के लिए घास काटने के लिए खेत गई थी। वहीं उसके गांव के ही कुछ किसान गन्ने की छिलाई कर रहे थे। इसी दौरान गन्ने के खेत से तेंदुए ने चमेला की गर्दन दबोच ली। उसकी चीख सुन अन्य किसान दौड़े और हांका लगाया। हांका सुन तेंदुआ चमेला को छोड़ फिर गन्ने में भाग गया। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले की सूचना से पूरे गांव में कोहराम मच गया और भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना पर खैरीघाट पुलिस और वन टीम मौके पर पहुंची।
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तीसरी मौत से वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में भारी आक्रोश
खैरीघाट थाना क्षेत्र में बीते 20 दिन से तेंदुए का आतंक व्याप्त है। बीते 20 दिनों में तेंदुए ने तीन लोगों को मौत के घाट उतारा है। बताते चले की इससे पूर्व तेंदुए ने ग्राम पंचायत चौकसाहार के मजरा झुंडी निवासी रामप्रताप की बेटी रामबेटी (14), उपररिहनपुरवा निवासी पैरू के बेटे रोहित (11) को मौत के घाट उतार दिया था। वही, डल्ला पुरवा के मजरा तेलियन पुरवा निवासी भोले की लड़की ममता (18) और अनीसा (14) को घायल कर चुका है साथ ही गैल ढकिया निवासी माता प्रसाद की बछिया को अपना निवाला बना डाला था। अरनवा के नरायन पुरवा निवासी साधनी (10) को भी घायल कर चुका है।