गुडंबा। मड़ियांव के पलटन छावनी में डिप्रेशन से परेशान निशा (39) ने फंदा लगा लिया। पति हरीश ने बताया कि निशा का कई वर्षों से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। हरीश रोजाना की तरह सोमवार को काम पर चले गए थे। बेटा ऋषभ भी घर से बाहर था।
दोपहर करीब तीन बजे निशा ने बेटी खुशबू को फूल लेने के लिए बाहर भेजा। कुछ देर बाद जब खुशबू लौटी तो कमरे में मां को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका देखा। उसका शोर सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे और ने हरीश और ऋषभ को सूचना दी। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के सही कारण का पता नहीं चला है। परिजनों ने डिप्रेशन को इसकी वजह बताया है।