अब मुस्लिम महिलाएं तलाक के खौफ से बाहर निकलकर खुला (जब बीवी शौहर को तलाक दे) का इस्तेमाल करने से भी नहीं डर रहीं। ताजा मामला राजधानी का है। यहां की शाजदा खातून ने अपने शौहर को खुलानामा भेजा है।
शनिवार को बाकायदा मीडिया के सामने शाजदा ने 12 साल के निकाह को तोड़ने का एलान किया। शाजदा ने कहा-जिंदगी दुश्वार हो गई थी। अब मैं आजाद हूं। अगर इसके कोई आड़े आता तो मैं और बड़ा फैसला ले सकती थी।
शाजदा का मायका कानपुर के फूलबाग में है। शाजदा ने कहा, 12 साल पहले यानी 2005 में हाता मुस्तफाबाग लालबाग के जुबेर से निकाह हुआ। मैं मध्यमवर्गीय परिवार से थी। शौहर जुबेर अली भी मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे। शाजदा का आरोप है कि ससुरालवालों ने निकाह के बाद से ही परेशान करना शुरू कर दिया।
सब सहती रही। सोचा परिवार में सुधार होगा। पर, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कई बार लड़ाई-झगड़ा होने के बाद मायके गई। मायके की माली हालात ऐसी नहीं कि वहां ताउम्र रह सकूं। पर, कितना सहती...।