केंद्र सरकार ने यूपी में चल रही केंद्रीय योजनाओं की मानिटरिंग के लिए लखनऊ में 13 सदस्यीय एक टीम को बैठाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग में नियंत्रक आलोक वर्मा की अगुवाई की यह टीम लखनऊ में बैठकर पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) को सभी विभाग में लागू चल रही केंद्र पोषित सभी योजनाओं की निगरानी करेगी। इसका काम मुख्य रूप से पीएफएमएस को सभी विभागों में लागू कराना और उसकेजरिए लाभार्थियों को योजनाओं का समय से शत प्रतिशत लाभ सुनिश्चित कराना होगा।
सचिव वित्त मुकेश मित्तल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में केंद्र की योजनाओं से जुड़े राज्य सरकार के विभागों के अधिकारी के साथ आलोक वर्मा व उनकी टीम के सभी सदस्य भी शामिल हुए।
सूबे में अभी समाज कल्याण की पेंशन व छात्रवृत्ति आदि से योजनाएं ही पीएफएमएस से जुड़ी हैं। केंद्र ने सभी केंद्रीय योजनाओं को इससे जोड़ने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार इसके बाद अपनी योजनाएं भी इसमें जोड़ सकती है।
बैठक में सचिव वित्त ने अधिकारियों को केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभागों, एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन पीएफएमएस पोर्टल पर कराने का निर्देश दिया। इस पोर्टल पर केंद्रीय योजनाओं के ग्राम पंचायत से तहसील व जिले तक के लाभार्थियों की सूचना उपलब्ध होगी।
नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा
बैठक में शामिल अधिकारी
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यह पोर्टल पात्र लाभार्थी की पहचान के साथ ही फर्जीवाड़ा रोकने में सक्षम है। पीफएमएस से योजनाएं जुड़ने के बाद केंद्र के अधिकारी दिल्ली में बैठकर जान सकेंगे कि लाभार्थियों को केंद्र की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। उन्हें आवंटन ठीक से हो रहा है या नहीं।
बैठक में विशेष सचिव वित्त शीतल वर्मा, सरयू प्रसाद मिश्र, लहरी यादव, संयुक्त सचिव आलोक दीक्षित, वित्तीय एवं सांख्यिकी निदेशक चंद्रदेव व निदेशक कोषागार लोरिक यादव उपस्थित रहे।
पीएफएमएस से जुड़ेंगी ये केंद्र पोषित योजनाएं
जननी सुरक्षा योजना
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
मनरेगा
बाल विकास पुष्टाहार
सर्व शिक्षा अभियान
नेशनल हेल्थ मिशन
मिड डे मील
इंदिरा आवास
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान
राज्य सरकार भी कर रही है कार्रवाई
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प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने बताया कि प्रदेश सरकार पीएफएमएस को प्रभावी तरीके से लागू करने की कार्यवाही कर रही है। इसके लिए वह अपने स्तर पर पहले ही एक बैठक कर चुके हैं।
कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल वर्मा को राज्य सरकार की ओर से नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
आयकर विभाग के हेमंत श्रीवास्तव सहायक नोडल अधिकारी होंगे। केंद्र की ओर से नामित राज्य नोडल अधिकारी आलोक वर्मा को योजना भवन में जगह देने का फैसला किया गया है।
बताते चलें, केंद्र की ओर से 13 सदस्यीय टीम यूपी भेजी गई है। यह टीम अब लखनऊ में ही डेरा डालेगी।