डीआईओएस एसके तिवारी का कहना है कि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर फर्जीवाड़े के लिए जिम्मेदार शिक्षक के विरुद्घ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही अब तक लिए गये वेतन की वसूली भी कराई जाएगी। प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने मामले को जान-बूझकर दबाया होगा तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।