लखनऊ। एमसी सक्सेना कॉलेज में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र रजनीश सिंह (20) ने बुधवार रात फंदा लगा लिया। वह मंगलवार को गांव की ही लड़की के साथ बालागंज निवासी श्रीकृष्ण पटेल के हॉस्टल में रहने आया था। श्रीकृष्ण पटेल ने दोनों को अलग-अलग रूम दिए थे। 24 घंटे बाद ही रजनीश ने आत्महत्या कर ली।
गोरखपुर के पीपीगंज निवासी रजनीश दुबग्गा के माल जेहटा रोड स्थित एमसी सक्सेना कालेज में पढ़ाई कर रहा था। रजनीश की परिचित छात्रा भी उसी कॉलेज में पढ़ती है। रजनीश के दोस्तों ने बताया कि दोनों एक ही कमरे में रहने की बात कर रहे थे। हालांकि, मकान मालिक ने दोनों के सामान अलग-अलग कमरे में रखवा दिए थे। बुधवार शाम को दोनों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद छात्रा फोन पर बात करने के लिए छत पर चली गई। थोड़ी देर बाद जब वह लौटी तो रजनीश का शव पंखे और चादर के सहारे फंदे पर लटका मिला। यह देख छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी। शोरगुल सुनकर आस-पड़ोस के लोग वहां पहुंचे। छात्रा को निजी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी।
बेटे की मौत की खबर सुन दुबई में बिलख पड़े पिता
रजनीश के पिता दुबई में नौकरी करते हैं। जैसे ही उन्हें फोन पर बेटे की मौत की खबर मिली वह दहाड़े मारकर रो पड़े। रजनीश के दोस्तों ने वह क्लास का टॉपर था। मकान मालिक श्रीकृष्ण पटेल ने बताया दोनों ने एक सितंबर से मकान में रहने की बात कही थी। हालांकि, वे 26 अगस्त को ही रहने के लिए आ गए थे। रजनीश ने घटना से कुछ देर पहले दोस्तों से पार्क जाने की बात कही थी। ऐसे में अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने जान दे दी, यह बड़ा सवाल है। रजनीश की मां ऊषा सिंह के मुताबिक बुधवार को दिन में करीब तीन बजे उनकी बेटे से बात हुई थी। तब वह बिल्कुल सामान्य था। परिजनों ने जांच की मांग की है।
पुलिस ने कब्जे में लिया छात्र का मोबाइल
इंस्पेक्टर अभिनव कुमार ने बताया कि छात्र का फोन कब्जे में लिया गया है। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। छात्र की आखिरी बार किससे बात हुई थी, इसकी जानकारी की जा रही है। कॉल डिटेल के आधार पर मामले की छानबीन की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस छात्रा से भी पूछताछ करेगी। इसके बाद ही रजनीश की आत्महत्या का कारण पता चल सकेगा। उधर, बेटे की मौत की जानकारी पाकर पिता बृहस्पतिवार सुबह लखनऊ पहुंचे और शव को लेकर गोरखपुर रवाना हो गए।