मजलिस के बाद इमामबाड़ा परिसर में शबीहों की जियारत कराई गई।
लखनऊ। अलविदाई अलम और ताबूत की जियारत के साथ ही अंजुमन गुंचा ए मजलूमिया की शब्बेदारी संपन्न हो गई। इस दौरान इमामबाड़ा अबुतालिब में अलविदा या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। हसन पुरिया स्थित इमामबाड़े में शब्बेदारी की अलविदाई मजलिस में मौलाना बाकिर अली जैदी ने खिताब किया। मजलिस के बाद इमामबाड़ा परिसर में शबीहों की जियारत कराई गई।
वहीं, कर्बला के शहीदों की याद में शब्बेदारी का सिलसिला जारी है। काजमैन हाता बुरान साहब में अंजुमन कदीम मासूमें असगर की ओर से आयोजित शब्बेदारी की मजलिस में मौलाना बिलाल काजमी ने खिताब किया। टूरियांग खैरातखाना स्थित इमामबाड़ा इरशाद नवाब में अंजुमन तस्वीर उल अजा की शब्बेदारी की मजलिस में मौलाना हसन जहीर ने खिताब किया। वजीरगंज स्थित इमामबाड़ा डिप्टी मोहम्मद अजीम में मौलाना वसी हसन खां ने मजलिस को खिताब किया।