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Lucknow News: संतुलित रोशनी और रंगों से बनती है प्रभावशाली तस्वीर

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ललित कला अकादमी क्षेत्रीय केंद्र में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर बोलते अनिल रिसाल सिंह
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लखनऊ। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर शहर में कई जगहों पर आयोजन किए गए। ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र में फॉर्म एंड कलर फोटोस्टोरी व्याख्यान और पीपीटी का आयोजन हुआ। इस माैके पर वरिष्ठ फोटोग्राफर और फेडरेशन ऑफ इंडियन फोटोग्राफी के पूर्व अध्यक्ष अनिल रिसाल सिंह ने फोटोग्राफी के इतिहास, विकास और बदलती तकनीक पर अपने अनुभव साझा किए।
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उन्होंने बताया कि रोशनी, छाया और रंगों का सही संतुलन साधारण तस्वीर को भी प्रभावशाली कलाकृति बना सकता है। पीपीटी के जरिये उन्होंने अपने पांच दशक से अधिक लंबे सफर में किए गए प्रयोगों को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इनमें प्रकृति, वास्तुकला और अमूर्त रूपों का सुंदर मेल देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि अनिल रिसाल सिंह को 250 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी और अनिल रिसाल सिंह ने किया।
इस मौके पर द यूथ फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से भी अलीगंज स्थित कला स्त्रोत गैलरी में आयोजित फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। यह प्रदर्शनी देश के प्रख्यात फोटोग्राफर और पद्मश्री स्वर्गीय रघु राय को समर्पित रही। इसमें उनकी अविस्मरणीय तस्वीरों को विशेष स्थान देकर दो मिनट के मौन के साथ उनके योगदान को नमन किया गया।
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प्रदर्शनी में 70 से अधिक छायाकारों ने सहभागिता की। हर तस्वीर अपनी अलग कहानी और नजरिया बयां करती दिखाई दी। द यूथ फोटोजर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष साहिल सिद्दीकी ने कहा कि विश्व फोटोग्राफी दिवस केवल कैमरे और तस्वीरों का उत्सव नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने फोटोग्राफी को समाज की आवाज बनाने का काम किया।
उधर, यूपी मेट्रो प्रशासन की ओर से चलती मेट्रो में पहली बार फोटो-वॉक का आयोजन किया गया। इसमें 20 अनुभवी फोटोग्राफरों ने लखनऊ की खूबसूरती और विरासत को अपने कैमरों में कैद किया। वरिष्ठ फोटोग्राफर अनिल रिसाल सिंह इस फोटो-वॉक में शामिल हुए। फोटोग्राफरों ने मेट्रो की खिड़की से शहर के दृश्यों को कैमरे में उतारा। कार्यक्रम का उद्देश्य फोटोग्राफी को बढ़ावा देना था। मेट्रो के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि फोटोग्राफी किसी शहर को खोजने का एक खूबसूरत माध्यम है। उन्होंने खुशी जताई कि फोटोग्राफरों ने शहर की विरासत और बदलती पहचान को प्रदर्शित किया। हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें फोटो-वॉक में शामिल फोटोग्राफरों द्वारा खींची गई तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। यह प्रदर्शनी दो दिनों तक चलेगी। यह पहल शहर की फोटोग्राफी और मेट्रो यात्रा के अनुभव को एक साथ जोड़ती है।
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